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Samastipur News: निर्यात से बढ़ेगा कारोबार और रोजगार, MSME कार्यशाला में उद्यमियों की समस्याओं पर चर्चा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में एमएसएमई निर्यात जागरूकता कार्यशाला में कारोबार विस्तार, रोजगार सृजन, दस्तावेजीकरण, क्लीयरेंस और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई।

समस्तीपुर, 12 अक्टूबर 2026, आलम की खबर: स्थानीय कारोबार को नई ऊंचाई देने और समस्तीपुर के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर सोमवार को जिला उद्योग केंद्र में चर्चा हुई। यहां आयोजित एक दिवसीय एमएसएमई निर्यात जागरूकता कार्यशाला में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, बाजार की मांग और उपलब्ध संस्थागत सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही कारोबारियों ने निर्यात के दौरान आने वाली व्यावहारिक परेशानियों को भी सामने रखा।

कार्यशाला का आयोजन जिला उद्योग केंद्र, समस्तीपुर के सभाकक्ष में ‘वन डे एक्सपोर्ट अवेयरनेस वर्कशॉप फॉर एमएसएमई’ के तहत किया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को निर्यात के अवसरों से परिचित कराना और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना था।

निर्यात से कारोबार के साथ रोजगार बढ़ने की उम्मीद

कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने उद्यमियों से बाजार की जरूरतों को समझने और निर्यात की संभावनाओं की पहचान करने का आह्वान किया। उन्होंने कारोबार को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय व्यापक बाजारों में पहुंच बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

कार्यक्रम में निर्यात को कारोबार बढ़ाने के साथ रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया। स्थानीय उद्यमियों को उचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलने पर उनके उत्पादों की पहुंच बड़े बाजारों तक बढ़ सकती है।

हालांकि, समस्तीपुर से किन उत्पादों का निर्यात किया जा सकता है और इसके लिए कितने उद्यमियों ने रुचि दिखाई, इस संबंध में कार्यशाला में कोई विशिष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया।

दस्तावेज और क्लीयरेंस की प्रक्रिया बनी चिंता

कार्यशाला में कारोबारियों ने निर्यात से जुड़ी उन चुनौतियों पर भी चर्चा की, जिनका सामना उद्यमियों को व्यावहारिक स्तर पर करना पड़ता है। इनमें दस्तावेज तैयार करने की जटिलता, क्लीयरेंस में आने वाली परेशानियां और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दे शामिल रहे।

उद्यमियों के लिए निर्यात के अवसरों की जानकारी हासिल करना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को समझना और समय पर सही मार्गदर्शन प्राप्त करना भी है। कार्यशाला में इस बात पर जोर रहा कि संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग से कारोबारियों की परेशानियां कम करने में मदद मिल सकती है।

निर्यात के लिए उत्पाद की गुणवत्ता, बाजार की मांग, जरूरी दस्तावेज और परिवहन व्यवस्था की जानकारी भी अहम होती है। ऐसे में शुरुआती स्तर पर उद्यमियों को तकनीकी एवं प्रक्रियागत मार्गदर्शन उपलब्ध कराना उनके कारोबार के विस्तार में सहायक हो सकता है।

इंडिया पोस्ट और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी

कार्यशाला में भारत सरकार के इंडिया पोस्ट से आशुतोष नंदन और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव राकेश कुमार शामिल हुए। उन्होंने डाक सेवाओं और निर्यात से संबंधित सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध कुमार की मौजूदगी में बैंकिंग और वित्तीय सहयोग से जुड़े विषयों पर भी संवाद हुआ। वहीं, एमएसएमई निर्यात सलाहकार ऋषु राज ने तकनीकी सत्र में निर्यात की व्यावहारिक प्रक्रिया से संबंधित पहलुओं को समझाया।

इन सत्रों के माध्यम से उद्यमियों को निर्यात के लिए जरूरी प्रक्रियाओं, उपलब्ध सेवाओं और संस्थागत सहयोग की भूमिका से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

स्थानीय कारोबार को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के बारे में जागरूक करना जरूरी है। इससे कारोबारी अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाश सकते हैं और कारोबार का विस्तार कर सकते हैं।

कार्यशाला में बियाडा के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक कुमार सहित जिला उद्योग केंद्र के राहुल, बिपिन चंद्र, मुकेश कुमार और पूर्णवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया।

समस्तीपुर के उद्यमियों के सामने अवसर और चुनौती दोनों

कार्यशाला से यह संदेश सामने आया कि स्थानीय उद्यमों को निर्यात से जोड़ने के लिए केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं। कारोबारियों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी, समय पर मार्गदर्शन, बैंकिंग सहयोग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी है।

यदि इन पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाता है, तो समस्तीपुर के उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंचने और कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे भविष्य में स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

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Alam Ki Khabar | बिहार की खबर, स्थानीय कारोबार की बात।

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